Gurukul Vidya Series · वैदिक गणित

वैदिक गणित

Vedic Mathematics

एकाधिकेन पूर्वेण निखिलं ऊर्ध्वतिर्यग्भ्याम् परावर्त्य शून्यं आनुरूप्येण संकलन पूरणापूरणाभ्याम्

स्वामी भारती कृष्ण तीर्थजी द्वारा पुनः-प्रकटित — 16 सूत्र और 13 उपसूत्र जो किसी भी गणितीय समस्या को मानसिक गणना से हल कर देते हैं।

सूत्र देखें →
नीचे
16मुख्य सूत्र
13उपसूत्र
10-15xगति
1965पुस्तक-प्रकाशन
उपयोग

वैदिक गणित क्या है?

वैदिक गणित — स्वामी भारती कृष्ण तीर्थजी (1884–1960) ने अथर्ववेद के परिशिष्ट से 16 सूत्र और 13 उपसूत्र पुनः खोजे जो किसी भी गणितीय समस्या का मानसिक गणना द्वारा तीव्र गति से हल करते हैं।

इन सूत्रों से गुणा, भाग, वर्गमूल, घनमूल, त्रिकोणमिति और कलन (Calculus) तक — सब कुछ परंपरागत तरीके से 10 से 15 गुना तेज़ हल होता है।

NASA, IIT, Oxford जैसे संस्थानों में वैदिक गणित पढ़ाई जाती है। Competition Exams में यह अत्यंत उपयोगी है।

स्रोतअथर्ववेद परिशिष्ट
पुनर्खोजस्वामी भारती कृष्ण तीर्थजी
प्रकाशन1965 — Vedic Mathematics
सूत्र-भाषासंस्कृत सूत्र-शैली
⚡ गति तुलना (सेकण्ड)
98 × 97 — परंपरागत
~15 सेकण्ड
98 × 97 — वैदिक (निखिलं)
~2 सेकण्ड
99² — परंपरागत
~12 सेकण्ड
99² — वैदिक (एकाधिकेन)
~1 सेकण्ड
1 ÷ 19 — परंपरागत
~30 सेकण्ड
1 ÷ 19 — वैदिक (एकाधिकेन)
~3 सेकण्ड
// 16 Sutras

सोलह सूत्र — उदाहरण सहित

प्रत्येक सूत्र एक गणितीय नियम है। नीचे सभी 16 सूत्र, उनका अर्थ, उपसूत्र और उदाहरण।

01
गुणन • Multiplication
एकाधिकेन पूर्वेण
By one more than the previous one

जब दोनों संख्याओं का योग 10, 100, 1000 हो। पहली संख्या में 1 जोड़ें और दोनों का गुणा करें।

// उदाहरण : 25 × 25
चरण 12 × (2+1) = 2 × 3 = 6
चरण 25 × 5 = 25
चरण 3जोड़ें → 6 | 25
उत्तर625
↳ उपसूत्र
आनुरूप्येण
Proportionately
02
घटाव • Subtraction
निखिलं नवतश्चरमं दशतः
All from 9, last from 10

आधार (10, 100, 1000...) से प्रत्येक अंक को 9 से और अंतिम अंक को 10 से घटाएँ। बेस के पास की संख्याओं के गुणन में उपयोगी।

// उदाहरण : 98 × 97
कमी98 → -2 | 97 → -3
बायाँ98-3 या 97-2 = 95
दायाँ(-2)×(-3) = 06
उत्तर9506
↳ उपसूत्र
सिद्धः केवलैः सप्तभिः
Specific to 7 (1/7 calculation)
03
गुणन • Multiplication
ऊर्ध्वतिर्यग्भ्याम्
Vertically and Cross-wise

दो अंकों की संख्याओं का तीन चरणों में गुणा। ऊर्ध्व (Vertical) और तिर्यक् (Cross-wise) गुणन।

// उदाहरण : 23 × 41
दायाँ3×1 = 3
क्रॉस(2×1)+(3×4) = 2+12 = 14
बायाँ2×4 = 8
जोड़8 | 14 | 3 → 8+1 | 4 | 3 = 943
उत्तर943
↳ उपसूत्र
लोपनस्थापनाभ्याम्
By Alternate Elimination & Retention
04
भाग • Division
परावर्त्य योजयेत्
Transpose and Adjust

भाजक को उलटकर उपयोग करें। विशेषतः बड़े भाजकों के लिए। सभी अंकों के चिह्न बदल दें।

// उदाहरण : 1234 ÷ 12
भाजक12 → उलट: -2
चरण 11 | 1×(-2)+2 = 0 | ...
चरण 2भागफल = 102 शेष = 10
उत्तर102 शेष 10
↳ उपसूत्र
आद्यमाद्येन अन्त्यमन्त्येन
First by first, last by last
05
सामान्य • General
शून्यं साम्यसमुच्चये
When the sum is the same, that sum is zero

जब दोनों पक्षों का योग समान हो, तो योग = 0। समीकरण हल करने की अद्भुत विधि।

// उदाहरण : (2x+5)/(2x+3) = (3x+4)/(3x+2)
पहचानबायाँ: 2x+5+2x+3 = 4x+8
जाँचदायाँ: 3x+4+3x+2 = 6x+6
हल4x+8 = 6x+6 → x = 1
उत्तरx = 1
↳ उपसूत्र
यावदूनम् तावदूनम्
Whatever the deficiency, lessen by that
06
गुणन • Multiplication
आनुरूप्येण
Proportionately

संख्या को किसी सुविधाजनक अनुपात में बदलकर गणना करें। बड़ी संख्याओं को सरल बनाता है।

// उदाहरण : 48 × 49
आधार50 को आधार लें
कमी48 = 50-2 | 49 = 50-1
हल(50-2)(50-1) = 2500-150+2 = 2352
उत्तर2352
07
घटाव • Subtraction
संकलनव्यवकलनाभ्याम्
By Addition and By Subtraction

जब दो समीकरणों में गुणांकों का योग और अंतर बराबर हो — जोड़ और घटाव से हल निकालें।

// उदाहरण : 7x+3y=19, 3x+7y=21
जोड़10x+10y = 40 → x+y = 4
घटाव4x-4y = -2 → x-y =
हलx = 7/4, y = 9/4
उत्तरx=7/4, y=9/4
08
सामान्य • General
पूरणापूरणाभ्याम्
By the Completion or Non-Completion

अपूर्ण संख्या को पूर्ण बनाकर या घटाकर गणना सरल बनाएँ। वर्गों और घन में उपयोगी।

// उदाहरण : 199 × 201
आधार200 को आधार मानें
सूत्र(200-1)(200+1) = 200²-1²
गणना40000 - 1 = 39999
उत्तर39999
↳ उपसूत्र
आनुरूप्येण
Proportionately
09
भाग • Division
चलनकलनाभ्याम्
Differences and Similarities

अन्तर और समानता के सिद्धांत से हल। HCF, आव्यूह और बहुपद के गुणनखंड निकालने में।

// उदाहरण : x²+7x+12 गुणनखंड
जोड़7 = 3 + 4
गुणा12 = 3 × 4
गुणक(x+3)(x+4)
उत्तर(x+3)(x+4)
10
वर्ग • Square
यावदूनम्
By the Deficiency

वर्ग निकालने की सरल विधि। आधार से कमी निकालें, दोनों तरफ से घटाएँ और कमी का वर्ग जोड़ें।

// उदाहरण : 97²
आधार100 से कमी = 3
बायाँ97-3 = 94
दायाँ3² = 09
उत्तर9409
↳ उपसूत्र
यावदूनं तावदूनीकृत्य वर्गं च योजयेत्
Reduce by deficiency & add square of deficiency
11
वर्ग • Square & Cube
व्यष्टिसमष्टिः
Part and Whole

अंशों और पूर्ण के सम्बन्ध से गणना। वर्गमूल, घनमूल और जटिल समीकरणों में उपयोगी।

// उदाहरण : 12² एवं आस-पास
आधार10² = 100
सूत्र(10+2)² = 100+2×10×2+4
हल100+40+4 = 144
उत्तर144
12
सामान्य • Equations
शेषाण्यङ्केन चरमेण
The Remainders by the Last Digit

अंतिम अंक के अनुसार शेषफल ज्ञात करें। भाग में सरलीकरण और बहुपद भाग में उपयोगी।

// उदाहरण : 137 ÷ 9
चरण 11 → 1+3=4 → 4+7=11
भागफल1, 4 → 15
शेष1+1+3+7 = 12 → 1+2 = 3
उत्तर15 शेष 2
13
सामान्य • Pattern
सोपान्त्यद्वयमन्त्यम्
The Ultimate and Twice the Penultimate

अंतिम पद और अंत से दूसरे पद का दोगुना जोड़ें। विशेष प्रकार के भाग के लिए।

// उदाहरण : 1/xy + 1/xz हल
सूत्रअंतिम + 2×(पूर्व)
उपयोगबहुपद विभाजन
विशेषआंशिक भिन्न सरलीकरण
क्षेत्रPartial Fractions
14
गुणन • Multiplication
एकन्यूनेन पूर्वेण
By One Less than the Previous One

9 से गुणा करने की अत्यंत सरल विधि। पहले अंक में से 1 घटाएँ और 9 से पूरक लें।

// उदाहरण : 879 × 99
बायाँ879-1 = 878
दायाँ100-879 का पूरक = 21
जोड़878 | 21 = 87821
उत्तर87021
↳ उपसूत्र
निखिलं नवतश्चरमं दशतः
All from 9, last from 10
15
वर्ग / घन • Powers
गुणितसमुच्चयः
The Product of the Sum is equal to the Sum of the Product

गुणनफल का योग = पदों के योगों का गुणनफल। बहुपद सत्यापन और गुणनखंड जाँच के लिए।

// उदाहरण : (x+2)(x+3) जाँच
x=1बायाँ: (3)(4) = 12
x=1दायाँ: x²+5x+6 = 1+5+6 = 12
सत्य12 = 12 ✓ सही है
उत्तरसत्यापित ✓
16
सामान्य • General
गुणकसमुच्चयः
The Factors of the Sum = the Sum of the Factors

गुणकों का योग = योग के गुणक। बहुपदों के गुणनखंड खोजने की अत्यंत सरल विधि।

// उदाहरण : x²-5x+6 गुणनखंड
गुणा-5 = (-2)+(-3) ✓
योग6 = (-2)×(-3) ✓
उत्तर(x-2)(x-3)
उत्तर(x-2)(x-3)
↳ उपसूत्र
समुच्चयगुणितः
The sum-total of all factors
// 13 Sub-Sutras

तेरह उपसूत्र

उपसूत्र मुख्य सूत्रों के सहायक हैं। ये विशेष परिस्थितियों में लागू होते हैं।

U1
आनुरूप्येण
Proportionately
अनुपात के अनुसार गणना। निखिलं सूत्र का सहायक।
U2
शिष्यते शेषसंज्ञः
The Remainder Remains Constant
भाग में शेष की संज्ञा। बीजगणितीय भाग में उपयोगी।
U3
आद्यमाद्येन अन्त्यमन्त्येन
First by First, Last by Last
पहले से पहला, आखिरी से आखिरी। परावर्त्य का सहायक।
U4
केवलैः सप्तभिः गुण्यात्
For 7 multiply by 143
7 से भाग की विशेष विधि। 1/7 = 0.142857...
U5
वेष्टनम्
Osculation
11, 13 आदि से विभाज्यता जाँच की विधि।
U6
यावदूनं तावदूनम्
Whatever the Deficiency, Lessen by That
यावदूनं सूत्र का उपसूत्र। वर्ग-गणना सहायक।
U7
यावदूनं तावदूनीकृत्य वर्गं च योजयेत्
Reduce by Deficiency & Add Square
यावदूनम् (सूत्र 10) का विस्तृत उपसूत्र। 97² हेतु।
U8
अन्त्ययोर्दशकेऽपि
Last Totaling 10
जब इकाई अंकों का योग 10 हो। एकाधिकेन का विस्तार।
U9
अन्त्ययोरेव
Only the Last Terms
केवल अंतिम पदों पर ध्यान। विशेष भाग में।
U10
समुच्चयगुणितः
The Sum-Total of all Factors
गुणकसमुच्चयः का उपसूत्र। बहुपद जाँच।
U11
लोपनस्थापनाभ्याम्
By Alternate Elimination & Retention
ऊर्ध्वतिर्यक् का सहायक। बड़े गुणन में।
U12
विलोकनम्
By Mere Observation
देखकर हल। सरल समीकरणों को दृष्टि से हल करना।
U13
गुणितसमुच्चयः
Collectivity of Multipliers
गुणितसमुच्चयः सूत्र का सहायक। जाँच विधि।
// Interactive

वैदिक सूत्र कैलकुलेटर

प्रमुख सूत्रों को इंटरैक्टिव रूप से आज़माएँ।

निखिलं — 100 के पास गुणा
सूत्र २ : निखिलं नवतश्चरमं दशतः
×
यहाँ चरण दिखेंगे...
उत्तर ?
एकाधिकेन — 5 से अंत वाली संख्या
सूत्र १ : एकाधिकेन पूर्वेण
× स्वयं
यहाँ चरण दिखेंगे...
उत्तर ?
ऊर्ध्वतिर्यक् — 2 अंकों का गुणा
सूत्र ३ : ऊर्ध्वतिर्यग्भ्याम्
×
यहाँ चरण दिखेंगे...
उत्तर ?
यावदूनम् — वर्ग (100 के पास)
सूत्र १० : यावदूनम्
² (80–119)
यहाँ चरण दिखेंगे...
उत्तर ?
// Quick Reference

16 सूत्र — त्वरित सन्दर्भ

# सूत्र (Hindi) English वर्ग उपसूत्र उपयोग
01एकाधिकेन पूर्वेणBy one more than previousगुणनआनुरूप्येणn5 × n5, आवर्ती भाग
02निखिलं नवतश्चरमंAll from 9, last from 10घटावसिद्धः केवलैः100/1000 के पास गुणन
03ऊर्ध्वतिर्यग्भ्याम्Vertically and crosswiseगुणनलोपनस्थापनाभ्याम्2+ अंकों का गुणन
04परावर्त्य योजयेत्Transpose and adjustभागआद्यमाद्येनबड़े भाजक से भाग
05शून्यं साम्यसमुच्चयेWhen sum is same it's zeroसामान्ययावदूनम्समीकरण हल
06आनुरूप्येणProportionatelyगुणनअनुपात गुणन
07संकलनव्यवकलनाभ्याम्By addition and subtractionघटावयुगपत् समीकरण
08पूरणापूरणाभ्याम्By completion/non-completionसामान्यआनुरूप्येणवर्ग पूर्णता
09चलनकलनाभ्याम्Differences and similaritiesभागHCF, गुणनखंड
10यावदूनम्By the deficiencyवर्गयावदूनं तावदूनम्100/1000 के पास वर्ग
11व्यष्टिसमष्टिःPart and wholeवर्गवर्गमूल, घनमूल
12शेषाण्यङ्केन चरमेणRemainders by last digitसामान्य9 से भाग
13सोपान्त्यद्वयमन्त्यम्Ultimate and twice penultimateसामान्यआंशिक भिन्न
14एकन्यूनेन पूर्वेणBy one less than previousगुणननिखिलं9, 99, 999 से गुणन
15गुणितसमुच्चयःProduct of sum = sum of productवर्गबहुपद सत्यापन
16गुणकसमुच्चयःFactors of sum = sum of factorsसामान्यसमुच्चयगुणितःबहुपद गुणनखंड
// FAQ

प्रश्नोत्तर

वैदिक गणित कहाँ से आई?

+
स्वामी भारती कृष्ण तीर्थजी (1884–1960) ने 1911–1918 के बीच उड़ीसा के श्रृंगेरी मठ में साधना के दौरान अथर्ववेद के परिशिष्ट से इन 16 सूत्रों को पुनः खोजा। उनकी पुस्तक Vedic Mathematics 1965 में उनकी मृत्यु के बाद प्रकाशित हुई।

क्या वैदिक गणित Competition Exams में उपयोगी है?

+
हाँ! JEE, NEET, CAT, SSC, UPSC जैसी परीक्षाओं में वैदिक गणित बहुत उपयोगी है। निखिलं सूत्र से 2 अंकों का गुणन 2 सेकण्ड में, यावदूनम् से वर्ग 1 सेकण्ड में। Mental Calculation प्रतियोगिताओं में भी इसका उपयोग होता है।

कहाँ से शुरू करें — कौन सा सूत्र पहले सीखें?

+
  • पहले — निखिलं (98×97 जैसे) — सबसे आसान
  • फिर — एकाधिकेन (25×25, 35×35)
  • फिर — यावदूनम् (97², 98²)
  • फिर — ऊर्ध्वतिर्यक् (2 अंकों का कोई भी गुणन)
  • अंत में — परावर्त्य (भाग), शेष सूत्र

क्या वैदिक गणित आधुनिक गणित से बेहतर है?

+
वैदिक गणित आधुनिक गणित का विकल्प नहीं — पूरक है। यह मानसिक गणना की गति और सटीकता बढ़ाता है। जटिल बीजगणित, calculus में आधुनिक विधियाँ अपरिहार्य हैं। लेकिन अंकगणितीय गणनाओं में वैदिक सूत्र निर्विवाद रूप से तेज़ हैं।

क्या Computer Science में भी उपयोगी है?

+
हाँ!
  • ऊर्ध्वतिर्यक् सूत्र पर आधारित Fast Multiplication Algorithms
  • VLSI chip design में वैदिक गुणन
  • DSP (Digital Signal Processing) में उपयोग
  • IEEE papers में वैदिक गणित पर शोध प्रकाशित